आदित्य मिश्रा
- फ़ोन: +91 98765 43210
- ईमेल: aditya.mishra@email.com
- स्थान: दिल्ली, भारत
- LinkedIn: adityamishra_ccpa
सारांश
पिछले 7 वर्षों से भारत में जलवायु परिवर्तन अनुकूलन और शमन रणनीतियों के विकास और कार्यान्वयन में विशेषज्ञता। विभिन्न हितधारकों के साथ सहयोग करके प्रभावी नीतियों का मसौदा तैयार करने और उन्हें प्रभावित करने का सिद्ध ट्रैक रिकॉर्ड। जलवायु जोखिम मूल्यांकन, कार्बन बाजार विश्लेषण और नवीकरणीय ऊर्जा नीति के एकीकरण में कुशल।
कार्य अनुभव
वरिष्ठ जलवायु नीति सलाहकार, पर्यावरण रक्षा और अनुसंधान संस्थान -- दिल्ली, भारत
मार्च 2020 – वर्तमान
-
भारत के राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDC) के लिए अनुकूलन और शमन रणनीतियों का विश्लेषण और अनुशंसा की, जिससे नीतिगत सिफारिशों में 15% सुधार हुआ।
-
जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC) वार्ताओं के लिए तकनीकी ब्रीफ और स्थिति पत्र तैयार किए, जिससे भारत की बातचीत की स्थिति मजबूत हुई।
-
जलवायु जोखिम आकलन मॉडल विकसित किए और उन्हें विभिन्न राज्यों में लागू किया, जिससे कमजोर क्षेत्रों की पहचान करने में 20% अधिक सटीकता आई।
-
निजी क्षेत्र के लिए कार्बन ऑफसेट परियोजनाओं और स्वैच्छिक कार्बन बाजारों पर कार्यशालाएं आयोजित कीं, जिससे 50 से अधिक कंपनियों को स्थायी प्रथाओं को अपनाने में मदद मिली।
जलवायु अर्थशास्त्र विश्लेषक, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी (NIPFP) -- दिल्ली, भारत
अगस्त 2016 – फरवरी 2020
-
भारत में जलवायु परिवर्तन के आर्थिक प्रभावों पर व्यापक शोध किया, जिससे सरकार को $50 मिलियन की संभावित लागत बचत वाले लक्षित हस्तक्षेपों की पहचान करने में मदद मिली।
-
नवीकरणीय ऊर्जा सब्सिडी और जीवाश्म ईंधन करों से संबंधित नीतिगत विकल्पों का मूल्यांकन किया, जिससे ऊर्जा मंत्रालय के लिए एक सिफारिशी रिपोर्ट तैयार हुई।
-
जलवायु नीतिगत पहलों के लिए लागत-लाभ विश्लेषण और वित्तीय व्यवहार्यता अध्ययन किए।
-
अंतर्राष्ट्रीय फंडिंग तंत्र (जैसे ग्रीन क्लाइमेट फंड) के लिए प्रस्तावों के मसौदे में योगदान दिया।
शिक्षा
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), पर्यावरण अध्ययन और नीति में एम.ए. -- दिल्ली, भारत
जुलाई 2014 – जुलाई 2016
दिल्ली विश्वविद्यालय, भूगोल में बी.ए. (ऑनर्स) -- दिल्ली, भारत
जुलाई 2011 – जून 2014
कौशल
नीति विश्लेषण और विकास: जलवायु अनुकूलन, शमन रणनीतियाँ, राष्ट्रीय जलवायु नीतियाँ, अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण समझौते, हितधारक जुड़ाव, नियामक विश्लेषण
आर्थिक मॉडलिंग और विश्लेषण: जलवायु जोखिम मूल्यांकन, लागत-लाभ विश्लेषण, कार्बन मूल्य निर्धारण, कार्बन बाजार विश्लेषण, सतत वित्तपोषण
अनुसंधान और डेटा विश्लेषण: मात्रात्मक और गुणात्मक अनुसंधान, सांख्यिकीय विश्लेषण, रिपोर्ट लेखन, GIS, डेटा विज़ुअलाइज़ेशन
भाषाएँ: हिंदी (मूल), अंग्रेजी (प्रवाहपूर्ण)