आर्यन चौहान
- फ़ोन: +91 98765 43210
- ईमेल: aaryan.chauhan@email.com
- स्थान: दिल्ली, भारत
- LinkedIn: aaryan-chauhan-hydro
सारांश
पिछले 8 वर्षों से जल विज्ञान परियोजनाओं का नेतृत्व कर रहा हूँ, जिसमें भूजल मॉडलिंग, बाढ़ पूर्वानुमान और जल गुणवत्ता विश्लेषण शामिल हैं। जल संसाधनों के सतत प्रबंधन के लिए नवीन समाधान विकसित करने में विशेषज्ञता।
दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में 15 से अधिक प्रमुख जल प्रबंधन परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा किया, जिससे जल उपयोग दक्षता में औसतन 20% सुधार हुआ।
कार्य अनुभव
वरिष्ठ जलविज्ञानी, गंगा जल संसाधन परामर्शदाता -- दिल्ली, भारत
जुलाई 2019 – वर्तमान
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यमुना नदी बेसिन के लिए एकीकृत जल संसाधन प्रबंधन योजना विकसित की, जिससे सूखे के दौरान जल उपलब्धता में 15% की वृद्धि हुई।
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भूजल पुनर्भरण और प्रबंधन के लिए 5 बड़े पैमाने की परियोजनाओं का नेतृत्व किया, जिससे स्थानीय समुदायों में भूजल स्तर में औसतन 10 मीटर की वृद्धि हुई।
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जल गुणवत्ता निगरानी कार्यक्रमों को डिजाइन और कार्यान्वित किया, जिससे प्रदूषक स्तरों को 25% तक कम करने में मदद मिली।
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भूजल मॉडलिंग (MODFLOW, FEFLOW) और GIS (ArcGIS, QGIS) उपकरणों का उपयोग करके जटिल जल वैज्ञानिक विश्लेषण किया।
परियोजना जलविज्ञानी, भारत जल प्रबंधन संस्थान -- दिल्ली, भारत
अगस्त 2015 – जून 2019
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दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में शहरी बाढ़ जोखिम मूल्यांकन पर एक अध्ययन में भाग लिया, जिसके परिणामस्वरूप 3 प्रमुख बाढ़ शमन रणनीतियों का विकास हुआ।
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कृषि जल उपयोग दक्षता में सुधार के लिए स्मार्ट सिंचाई तकनीकों पर शोध किया और उन्हें लागू किया, जिससे पानी की खपत में 18% की कमी आई।
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सुदूर संवेदन और GIS का उपयोग करके जल निकायों के मानचित्रण और निगरानी में योगदान दिया।
शिक्षा
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली (IIT दिल्ली), जल विज्ञान और जल संसाधन इंजीनियरिंग में एम.टेक. -- दिल्ली, भारत
अगस्त 2013 – जून 2015
दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (DTU), सिविल इंजीनियरिंग में बी.टेक. -- दिल्ली, भारत
जुलाई 2009 – मई 2013
कौशल
जल वैज्ञानिक मॉडलिंग: MODFLOW, FEFLOW, HEC-RAS, SWAT
भू-स्थानिक विश्लेषण: ArcGIS, QGIS, ERDAS Imagine, सुदूर संवेदन
जल गुणवत्ता विश्लेषण: जल नमूनाकरण, प्रयोगशाला परीक्षण, डेटा व्याख्या
डेटा विश्लेषण: Python (Pandas, NumPy), R, MS Excel
परियोजना प्रबंधन: जोखिम मूल्यांकन, संसाधन आवंटन, हितधारक प्रबंधन
जल संसाधन प्रबंधन: भूजल प्रबंधन, सतह जल मॉडलिंग, बाढ़ पूर्वानुमान, सूखा शमन